सुन्दरकाण्ड से जुड़ी 5 अहम बातें

हनुमानजी, सीताजी की खोज में लंका गए थे और लंका त्रिकुटांचल पर्वत पर बसी हुई थी। त्रिकुटांचल पर्वत यानी यहां 3 पर्वत थे। पहला सुबैल पर्वत, जहां के मैदान में युद्ध हुआ था। दुसरा नील पर्वत, जहां राक्षसों

एक भिक्षु की कथा ( Story of a Bhikshu)

एक भिक्षु जंगल मै से गुजर रहा था। अचानक वह सजग हो जाता है कि एक शेर उसका पिछा कर रहा है। इसलिए वह भागना शुरु कर देता है। लेकीन उसका भागना भी जैन ढंग का है।

How Diwali is Celeberated ? and other Event celeberated with Diwali.

Diwali celebrations are not limited to a day or two. Just after Dusshera, preparations for Diwali start. In total, there are 5 different festivals that fall close to Diwali..

Mahatma Gandhi(Bapu)

Gandhi grew up worshiping the Hindu god Vishnu and following Jainism, a morally rigorous ancient Indian religion that espoused non-violence, fasting, meditation and vegetarianism.

Why do we celeberate Diwali (deepavali) ?

Diwali, the festival of lights, is celebrated across India during the month of mid-October or mid-November. Diwali is celebrated by Hindus, Jains and Sikhs.

Dussehra or Vijayadashami. Why Do We Celebrate It?

Navratri, culminating with Dussehra, is a cultural festival of great importance and significance for all. It is a festival that is all about the goddess.

Kaliyug is the best yug | कलियुग ही सर्वश्रेष्ठ

एक बार बड़े-बड़े ऋषि-मुनि एक जगह जुटे तो इस बात पर विचार होने लगा कि कौन सा युग सबसे बढिया है. बहुतों ने कहा सतयुग, कुछ त्रेता को तो कुछ द्वापर को श्रेष्ठ बताते रहे...

बजरंग बली की व्रत कथा: Shri Hanuman vrat katha

भारत में हनुमान जी को अजेय माना जाता है. हनुमान जी अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं. कलयुग में हनुमान जी ही एक मात्र ऐसे देवता हैं जो अपने भक्तो पर शीघ्र कृपा करके उनके कष्टों का निवारण करते हैं |

संन्यासी हो जाना चाहता है कि संन्यासी दिखना चाहता है?

चीन में एक बहुत बड़ा फकीर हुआ। वह अपने गुरु के पास गया तो गुरु ने उससे पूछा कि तू सच में संन्यासी हो जाना चाहता है कि संन्यासी दिखना चाहता है?

kyo nahi kiya jata sham mai deh sanskar

हिन्दू धर्म में कुल 16 संस्कार बताए गए हैं। इनमें सबसे अंतिम है मृतक संस्कार। इसके बाद कोई अन्य संस्कार नहीं होता है इसलिए इसे अंतिम संस्कार भी कहा जाता है।

Rudraabhishek Puja Mahashivratri 2020
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